National Seminar

& Film Festival

on 27 & 28 March 2018

When

27th to 28th March 2018
Starting at 10AM

Where

Allahabad Saraswati Campus (UPRTOU Shantipuram Sector-F)

Organized By

SCHOOL OF HUMANITIES U. P. Rajarshi Tandan Open University Allahabad

Patron

Prof. K. N. Singh

Hon’ble Vice Chancellor

Conference Director

Dr. R.P.S. Yadav

Director SCHOOL OF HUMANITIES

Organizing Secretary

Dr. Atul Kumar Mishra

Academic Consultant(Philosophy) SCHOOL OF HUMANITIES

Coordinators

Dr. Sadhna Srivastav

Assistant Professor(Journalism & Masscom) SCHOOL OF HUMANITIES

Dr. Satish Chandra Jaisal

Assistant Professor(Journalism & Masscom) SCHOOL OF HUMANITIES

विश्वविद्यालयः एक दृष्टि में-

इस विश्वविद्यालय की स्थापना उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, अधिनियम 1999 उत्तर प्रदेश (अधिनियम संख्या-10, 1999) के अन्तर्गत हुई। इस विश्वविद्यालय को दूरस्थ शिक्षा योजना के अन्तर्गत एक मुक्त विश्वविद्यालय, बनाया गया, जिससे पूरे उत्तर प्रदेश में सुनियोजित ढंग से उच्च शिक्षा का प्रचार एवं प्रसार दूरस्थ प्रणाली के माध्यम से संचालित हो सके। आबादी के एक बड़े क्षेत्र मे काम कर रहे लोगों, गृहणियों और अन्य वयस्कों को उच्च शिक्षा से जोड़ने तथा उनके उन्नत भविष्य के लिए ज्ञानार्जन हेतु विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। अपने स्थापनाकाल से ही विश्वविद्यालय दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के रूप में आबादी के बड़े क्षेत्रों और विशेष रूप से, वंचित समूहों में, के लिए उच्च शिक्षा के लिए पहुँच प्रदान करने की योजना काम पर काम कर रहा है। उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश सरकार का एक मात्र मुक्त विश्वविद्यालय है। इस विश्वविद्यालय का नामकरण हिन्दी के प्रबल समर्थक, प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भारतरत्न राजर्षि पुरुषोŸाम दास टण्डन के नाम पर किया गया। यह विश्वविद्यालय गृहिणियों, विकलांगों, दलितों, आर्थिक रूप से विपन्न वर्ग, सेवारत व्यक्तियों तथा सुदूर ग्रामीण अंचलों के निवासियों तक उच्च शिक्षा को पहुँचाने के लिए दृढ़ संकल्प है। अत्यल्प समय में ही इस विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवीन कीर्तिमान स्थापित किए हैं।इस विश्वविद्यालय का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश है। यह विश्वविद्यालय अध्ययन केन्द्रों तथा क्षेत्रीय केन्द्रों के माध्यम से उच्च शिक्षा के प्रकाश को जन-जन तक पहुँचा रहा है। विश्वविद्यालय का मुख्यालय सेक्टर-एफ, शांतिपुरम्, फाफामऊ इलाहाबाद में स्थित है। इलाहाबाद रेलवे जंक्शन से विश्वविद्यालय की दूरी लगभग 15 किमी. तथा बस स्टैण्ड से लगभग 13 किमी. है। विश्वविद्यालय आने -जाने के लिए यातायात की सुविधाएँ सदैव उपलब्ध रहती हैं।

इलाहाबाद के बारे मेंः

इलाहाबाद विश्व का एक महत्वपूर्ण अध्यात्मिक एवं धार्मिक नगर है, जिसे प्रयागराज या तीर्थराज के नाम से भी जाना जाता है। यह प्राचीन काल से ही ज्ञान का केन्द्र रहा है, यहाँ गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती का संगम है। यहाँ प्रत्येक 12 वर्ष बाद विश्व के सबसे बड़े मेले कुंभ का आयोजन होता है। स्वतंत्रता संग्राम में प्रभावी भूमिका निभाने वाला शहर इलाहाबाद भारत के साहित्य एवं राजनीति का भी केन्द्र रहा है, जिसने देश को अनेक साहित्यकार एवं राजनेता दिए हैं। अपनी बनावट एवं अद्भुत वातावरण के कारण इसकी गणना देश के महत्वपूर्ण शहरों में होती है। साहित्यकार धर्मवीर भारती के शब्दों में ‘इस शहर की बनावट, गठन, जिंदगी और रहन-सहन में कोई बंधंे-बंधायें नियम नहीं, कहीं कोई कसाव नहीं, हर जगह एक स्वच्छंद खुलाव, एक बिखरी हुई सी अनियमितता। मौसम में कोई सम नहीं, कोई संतुलन नहीं। सुबह मलय सी, दोपहर अंगारे तो शामें रेशमी.......सचमुच लगता है कि प्रयाग का नगर-देवता स्वर्ग-कुंजों, से निर्वासित कोई मन मौजी कलाकार है, जिसके सृजन में हर रंग के डोरे हैं।‘‘

संगोष्ठी एवं फिल्म महोत्सव के बारे में -

मनुष्य में सृष्टी और जीवन को जानने की प्रबल स्वाभाविक प्रवृत्ति रही है इसी के फलस्वरूप दर्शन का आरम्भ हुआ। नये सर्गिक आवश्यकताओ की सीमित पूर्ति एवम प्रकृति की विभिषिकाओ से अत्यधिक संधर्ष के उपरान्त मानव की दृष्टि इस सृष्टि या प्राकृतिक वैभव पर केन्द्रित होने लगी, जिसने मानव ह्रदय को आह्लाद से संचालित कर दिया। साथ ही मस्तिष्क में सृष्टि को जाने का कौतुहल भी उत्पन्न हुआ। इन्ही जिज्ञासाओं के समाधान के लिए एक विशेष प्रकार का तार्किक चिंतन आरम्भ हुआ जिसे हम दर्शन के रूप में समझते हैं। इस आधार पर प्रत्येक देश और समाज में वहां के अनुकूल अपने ढंग से दर्शन की उत्पत्ति हुई जिसकी अभिव्यक्ति विभिन्न माध्यमों से होती रही है और आज सिनेमा भी इस दर्शन की खोज का सबल माध्यम बन गया है। सिनेमा मानव की तमाम सांस्कृतिक उपलब्धियों में से एक महत्वपूर्ण कला रूप है , जिसमे पिछले एक सौ पच्चीस सालों में दुनिया को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। एक समन्वित कला होने के नाते यह संगीत नृत्य चित्रकला , अभिनय , साहित्य सभी को समेटे हुए है। इनके जरिये सिनेमा हमारे जिन्दगी के सवालों को परदे पर फिल्माता है। इसमें मानव समाज के सुख दुःख , उनके सपने, उनकी इच्छाएं, उनके संघर्ष, उनकी बदलती छवियाँ समाहित हैं। सिनेमा में जीवन के दार्शनिक एवं मूल्यगत सवाल भी परदे पर चलते फिरते कथानकों के जरिये आते हैं। इस सेमीनार एवं फिल्म महोत्सव में हम हिंदी सिनेमा के माध्यम से हमारे सामाज में देशकाल सापेक्ष विभिन्न मूल्यों में आये बदलाव पर एक चर्चा करना चाहते हैं , जैसे सत्य निष्ठां , प्रेम , हिंसा , ईर्ष्या , सामाजिक भाईचारा जैसी मानवीय प्रवृत्तियां सिने परदे पर अपना रूप बदलती रहीं हैं। बाजार के दबाव में , उपभोक्ता वाद ने जीवन के हर हिस्से को प्रभावित किया है। इस दौर में बने सिनेमा ने भी मानव की अभिवृत्तियों, उनके मूल्यों , उनके सोचने समझने और दुनिया जहान को देखने की दिशा निर्धारित की है। इस सेमीनार में हम ष् हिंदी सिनेमा में मूल्यों के बदलते प्रतिरूप के अलोक में निम्नलिखित शीर्षकों पर पात्र आमंत्रित करते हैं , फिल्म महोत्सव में इन्ही शीर्षकों से सम्बंधित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।


    . हिंदी सिनेमा और सत्यनिष्ठा
    . हिंदी सिनेमा और उपभोक्तावाद
    . हिंदी सिनेमा और सामाजिक भाईचारा
    . हिंदी सिनेमा और प्रेम के बदलते आयाम
    . हिंदी सिनेमा और अहिंसा का स्वरुप
    . हिंदी सिनेमा और न्याय का सवाल
    . हिंदी सिनेमा मानव अस्तित्व की समस्याएं
    . हिंदी सिनेमा और पर्यावरण
    . हिंदी सिनेमा और नारी अस्मिता
    . हिंदी सिनेमा और जीवन दर्शन

Other Details

 Registration Fees

Category Name  Early (Rupees)()  Late  On Spot  Fee (In Dollar)($)
 Academicians  500  N/A  500  --

Registration fees is to be paid through Demand Draft/Online payment in favour of Finance Officer, UPRTOU, Allahabad, & should be sent to the organizing secretary at the university address along with the registration form before the last date. MO & cheque will not be allowed/accepted. Prior confirmation of participation either through e-mail or telephone shall be required. On spot registration fee is to be paid in cash.


 Food & Accommodation

यात्रा भत्ता/भोजन एवं ठहरने के लिए - प्रतिभागियों अपने यात्रा/रहने का खर्च स्वयं वाहन करेंगे। राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद द्वारा केवल जलपान, मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था उपलब्ध होगी। आमंत्रित सदस्य/विशेषज्ञों को अन्य सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

Contact Us

And send your fully filled Registration Form at Saraswati Campus (Academic Block) U.P. Rajarshi Tandon Open University Shantipuram, Sector – F , Phapfamau, Allahabad U.P., India-211013

Dr. Atul Kumar Mishra : 7525048059, 9415141207

Location and Venue

Venue

Allahabad Saraswati Campus (UPRTOU Shantipuram Sector-F)

www.uprtou.ac.in

Additional details

The University is situated at Shantipuram Sector F, Phaphamau, Allahabad which is equipped with good infrastructure facilities like Buildings, Library, Wi-Fi network, Guest House, Media Center campus etc.

And send your filled Registration Form to

डाॅ. आर.पी.एस.यादव, निदेशक, मानविकी विद्याशाखा